🎹 *आसान तौहीद* 🎹
*शिर्क-ए-अकबर की बाज़ सूरतें*
2️⃣ *क़ुर्बानी*
*सवाल 118 :* क़ुर्बानी करने का मकसद क्या है?
*जवाब :* क़ुर्बानी करने के दो महत्वपूर्ण मकासिद हैं: *1* किसी के नामपर जानवर ज़बह करना। *2* किसी की नज़दीकी हासिल करने के लिए जानवर ज़बह करना।
*सवाल 119 :* इस्लाम में ज़बह का क्या मकसद है?
**जवाब :* इस्लाम में ज़बह के दो मकासिद हैं: *1* जानवर बिस्मिल्लाह कहकर ज़बह करें। *2* ज़बह के ज़रिए अल्लाह की रज़ा हासिल करें।
*सवाल 120 :* जानवर तो अल्लाह के नाम से ज़बह किया जाए, लेकिन ग़ैरुल्लाह का तकर्रुब हासील करना मक़्सूद हो तो उस जानवर के गोश्त का क्या हुक्म है?
*जवाब :* जानवर तो अल्लाह के नाम से ज़बह किया जाए, लेकिन ग़ैरुल्लाह का तकर्रुब हासील करना मक़्सूद हो तो उस जानवर का गोश्त खाना जाएज़ नहीं है, इसी तरह किसी मैय्यत या बुज़ुर्ग की ताज़ीम के लिए जानवर ज़बह किया जाए तो उस जानवर का गोश्त खाना भी जाएज़ नहीं है।
*सवाल 121 :* क़ुर्बानी केवल अल्लाह के लिए होनी चाहिए, इसकी दलील क्या है?
*जवाब :* अल्लाह तआला फ़रमाता है:
*"पस तुम अपने रब ही के लिए नमाज़ पढ़ो और ( उसी के लिए ) कुर्बानी करो।"*(अल कौसरः 2 )
*सवाल: 122 :* रसूलुल्लाह सल्ल० ने उस शख़्स के लिए क्या सुचना दी जिसने ग़ैरुल्लाह के लिए ज़बह किया?
*जवाब :* रसूलुल्लाह सल्ल० ने फ़रमाया: *"अल्लाह तआला की लानत हो उस शख़्स पर जिसने ग़ैरुल्लाह के लिए ज़बह किया।"*(मुस्लीमः1978)
*सवाल: 123* क्या ग़ैरुल्लाह के नाम पर मख्खी का चढ़ावा चढ़ाने से इन्सान *जहन्नम* में जाता है?
*जवाब :* जी हाँ! हदीस का अर्थ यह है कि: *"एक शख़्स ने मूर्ति के लिए मख्खी का चढ़ावा चढ़ाया जिसकी वजह से वो जहन्नम में डाला गया और एक शख़्स ने कहा की मैं अल्लाह के सिवा किसी के लिए कोई चढ़ावा नहीं चढ़ा सकता, जिसके कारण उसे क़त्ल कर दिया गया, और वो जन्नत का मुस्तहीक हुआ।"*(मुस्नद अहमदः84)



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