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Showing posts from August 9, 2020

📚शरीफ इंसान की पहचान

  https://www.google.com/search?q=Eshopping-store&ludocid=6254228665016666513&ibp=gwp;0,7&source=g.page.m.av#lkt=LocalPoiProducts 🍂🍃ﺑِﺴْـــــــــــــﻢِﷲِالرَّحْمٰنِﺍلرَّﺣِﻴﻢ🍂🍃 🌺 अपने भाई के सामने तुम्हारा मुस्कुराना सदक़ा है, भलाई का हुक्म देना और बुराई से रोकना सदक़ा है, भटक जाने वाली जगह में किसी आदमी को रास्ता दिखाना तुम्हारे लिए सदक़ा है, नाबीना और कम देखने वाले आदमी को रास्ता दिखाना तुम्हारे लिए सदक़ा है, पत्थर, कांटा और हड्डी को रास्ते से हटाना तुम्हारे लिए सदक़ा है, अपने बरतन से अपने भाई के बरतन में पानी डालना तुम्हारे लिए सदक़ा है। 📚 _*Jamiat Tirmidhi: hadith no. 1956*_ *Grade Sahih*

📚झाड़ फूक का सही तरीका

 *🕋 आसान तौहीद 🕋*   *🕳️मसाएब और कठिनाइयों में*   *इस्तेमाल होनेवाली बातिल चीज़े🕳️*  🎀🎀🎀🎀🎀🎀🎀🎀🎀🎀   *सवाल 168 :* रुक़या ( दम ) करना किसे कहते हैं?   *जवाब :* शिफ़ा के लिए किसी मरीज़ पर अज़कार, दुआएँ और बा-बरकत अल्फ़ाज़ पढ़ कर फूँक मारने को *रुक़या* कहते हैं।   *सवाल 169 :* रुक़या के कितने प्रकार होते है?   *जवाब :* रुक़या के दो प्रकार होते हैं: *1- शरई रुक़या 2-शिर्क़िया रुक़या*   *सवाल 170 :* शरई रुक़या क्या है?   *जवाब :* मसनून अज़कार और दुआएँ और बा-बरकत अल्फ़ाज़ पढ़ कर मरीज़ के जिस्म पर फुँकने को शरई रुक़या कहते है।   *सवाल 171 :* शरई रुक़या का क्या दलील है?   *जवाब :* रसूलुल्लाह सल्ल० ने फ़रमाया: "उस झाड़फूँक में कोई हर्ज़ नहीं जिसमें शिर्किया कलमात न हो।   *सवाल 172 :* शरई रुक़या की क्या शर्तें हैं?   *जवाब :* शरई रुक़या की तीन शर्तें है:   *1- रुक़या में अल्लाह के नाम और इसकी अस्मा व सिफ़ात का ज़िक्र हो।*   *2- रुक़या अरबी ...