*🕋 आसान तौहीद 🕋*
"शिर्क के कुछ मुख़तलिफ़ प्रकार"
*💧तक़दीर पर सब्र 💧*
*सवाल 326:* क्या तक़दीर पर बन्दे का सब्र करना भी इबादत है?
*जवाब :* जी हाँ! तक़दीर पर बन्दे का सब्र करना अज़ीम इबादत है और ईमान-बिल्लाह का हिस्सा है।
*सवाल 327:* सब्र का मफ़हुम क्या है?
*जवाब :* जब भी बन्दे पर कोई मुसीबत आए तो वो ये समझे कि: ये मुसीबत अल्लाह तआला की तरफ़ से है। सब्र करेगा तो अल्लाह तआला के नज़दीक अज्र का मुस्तहीक होगा। और अगर नाराज़ी का इज़हार और शिकायत करेगा तो गुनाह का मुस्तहीक ठहरेगा।
*सवाल 328:* सब्र के कितने अरकान है?
*जवाब :* सब्र के तीन अरकान है: 1️⃣ ज़ुबान से अल्लाह तआला की शिकायत न करे। 2️⃣ दिल में नाराज़ी का एहसास न करना। 3️⃣ आज़ा द्वारा बे-सब्री का इज़हार न करे।
*सवाल 329:* मुसीबत कबीरा गुनाहों का कारण कब बनती है?
*जवाब :* मुसीबत कबीरा गुनाहों का कारण उस वक़्त बनती है जब बन्दा सदमे के समय बे-सब्री का इज़हार करे और अल्लाह के फ़ैसलों पर नाराज़ी का इज़हार करे।
*सवाल 330:* वो कौनसे काम हैं जो सब्र के ख़िलाफ़ है?
*जवाब :* चीख़ चिल्लाकर रोना, सीना कोबी करना, बाल नोचना और गाल पीटना वगैरा सब्र के ख़िलाफ़ है।

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