*🌴•┄┅┅❂❀﷽❀❂┅┅┈•🌴* *_❀कुरआन मजीद की इनसाइक्लोपीडिया❀_* भाग-444 तारीख़:25/08/2020 *★☆★☆ईमान यानी विश्वास-295★★☆★* *_★ज़ब्ह (वध)★_* पशु को एक ख़ास तरीके (इस्लामी तरीके से वध करने को ज़बह कहते हैं । *_पशु को ज़ब्ह (वध) करते समय अल्लाह का नाम लेना अनिवार्य है ! अगर उसको किसी और के नाम पर ज़व्ह किया गया, तो इसकी शिक्षा के अनुसार वह हराम (निषिद्ध) हो जाएगा !_* (कुरआन, सूर-2 अल-बकरा, आयत-173) *_इसी प्रकार अगर किसी देवी, देवता, क़ब्र इत्यादि के स्थान पर ज़ब्ह (वध) किया जाए तो वह भी हराम (निषिद्ध) हो जाता है !_* (कुरआन, सूरा-5, अल-माइदा, आयत-3) _सूरा माइदा की इसी आयत में उन पशुओं को खाना भी हराम (निषिद्ध) बताया गया है, जो सांस घुटकर, या चोट खाकर, या उँचाई से गिरकर, या सींग लगने से मर गए हों, सिवाय उनके जिन्हें कोई ज़िन्दा पाकर ज़बूह कर ले !_ *_★ज़ैद★_* _इनका पूरा नाम जैद-बिन-हारिसा-बिन-शाराहील अल-कल्बी था ! यूँ तो वे अरब वंश से थे, परन्तु किसी ने उनको गुलाम बनाकर बेच दिया था। 'ख़दीजा' रज़ि० ने ख़रीदकर नबी सल्ल० की सेवा ...